स्टारेक्स यूनिवर्सिटी में साइबर अपराध व सुरक्षा पर जागरूकता के लिए वेबिनार का आयोजन, मध्यप्रदेश के डीजीपी थे मुख्य अतिथि

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गुरुग्राम, 5 जनवरी – स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज और स्कूल ऑफ लॉ स्टारेक्स यूनिवर्सिटी ने साइबर अपराध और सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम पर एक वेबिनार का आयोजन किया।

इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र कुमार मिश्रा, डीजीपी, मध्य प्रदेश मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि, इंटरनेट दुनिया को एक मंच पर लाने की एक नई तकनीक बन गई है। लेकिन, प्रौद्योगिकी की इस प्रगति के साथ साइबर अपराध भी दिन-ब-दिन बढ़ रहा है।साइबर अपराध से निपटने के लिए हमें नेक व्यक्ति को न्याय प्रदान करने के लिए उच्च सुरक्षा और मजबूत कानून विकसित करना होगा।डॉ. मिश्रा ने बताया कि अच्छे लोग अपने जीवन की बेहतरी के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं और चोर इसका गलत तरीके से इस्तेमाल करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश दुनिया भर में पहला ऐसा राज्य है जिसके पास सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ विश्व स्तरीय साइबर सुरक्षा प्रणाली है।

डॉ मिश्रा ने कहा, “हमें साइबर अपराध से निबटने के लिए अलग कैडर बनाने के लिए अपने गैर-पुलिस संगठन को शामिल करना चाहिए और उन्हें कंप्यूटर और साइबर कानून में प्रशिक्षित करना चाहिए।

प्रोफेसर एम.एम. गोयल वाइस चांसलर स्टारेक्स यूनिवर्सिटी गुरुग्राम ने कहा कि “कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है ताकि साइबर कानून एक शक्तिशाली निवारक के रूप में कार्य कर सके,। वे साइबर अपराध के प्रकार’ विषय पर स्टारेक्स विश्वविद्यालय में आयोजित दूसरे वेबिनार में ‘ मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र कुमार मिश्रा, डीजीपी, मध्य प्रदेश का स्वागत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध करने वालों में सेक्सिस्ट ‘बुली बाई’ ऐप, ‘सुल्ली डील्स’ ऐप शामिल हैं, जो महिलाओं को ‘डील्स ऑफ द डे’ बताते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जा सकता,

कुलपति गोयल ने कहा, ‘बुली बाई’ तरह के साइबर अपराधों के खिलाफ हमें जीरो टॉलरेंस की जरूरत है, जिसमें विकृत दिमाग वाले अपराधियों के दिमाग की उपज के रूप में महिलाओं की छेड़छाड़ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड की जाती हैं।

प्रो गोयल ने बताया कि यह नोट करना दुखद है कि भारत में 2019 में महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध 1600 थे और 2020 में बढ़कर 2300 मामले हो गए।

इस वेबिनार में 100 से अधिक सहभागी थे। वेबिनार की संयोजक कोमल यादव, एचओडी, फोरेंसिक साइंस थीं। आयोजन दल में रश्मि कौशिक, डॉ चंचल गर्ग, डॉ अंजू, मुस्कान और प्रज्ञा थीं।

इस अवसर पर वेबिनार से जुड़े से सभी अतिथियों का स्टारेक्स यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ एस एल वशिष्ठ ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के इस युग में, हमें साइबर प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए सख्त नियमों का पालन करना चाहिए जिससे साइबर अपराध पर नियंत्रण हो सकता है।

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