52वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया : अनुराग ठाकुर

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52वें आईएफएफआई के समापन समारोह में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर

इस आईएफएफआई में पहली बार, हमारे पास ओटीटी प्लेटफार्मों की उपस्थिति और उत्साही भागीदारी थी

मुझे विश्वास है कि भविष्य के 75 क्रिएटिव माइंड्स में से कुछ लोग सिनेमा जगत की बड़ी पहचान बनाकर कुछ वर्षों के बाद वापस आएंगे

जनजातीय गौरव सप्ताह मनाने के दौरान आईएफएफआई द्वारा असम के जनजातीय समुदाय पर एक फिल्म ‘सेमखोर’ प्रस्तुत करना बड़े हर्ष का विषय है

गोवा :  भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 52वें संस्करण के समापन के अवसर पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सिनेमा के सशक्त माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति के बेहतरीन रूपों के प्रचार और निर्माण के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।

गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में आज, 28 नवंबर को फिल्मोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने मुक्त-उत्साही निर्माण और अच्छे सिनेमा के असीमित आनंद की भावना के लिए हार्दिक प्रशंसा की, जिसे यह फिल्मोत्सव हर गुजरते साल के साथ हमेशा बेहतर तरीके से सम्मान देता है।

 

केंद्रीय मंत्री ने फिल्म प्रेमियों से कहा कि 52वां आईएफएफआई हमें नई शुरुआत की ओर ले जा रहा है। श्री ठाकुर ने कहा, “हम फिल्म निर्माण की अपनी समृद्ध परंपरा और सिनेमा के माध्यम से कहानी कहने की कला का उत्सव मनाने के लिए एक साथ आए हैं। सिनेमा के आइकन और लेजेंड्स के हमारे बीच होने के कारण हमने दर्शकों को आकर्षित किया है और युवा प्रतिभाओं को पहचाना है।”

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माण करने वाला बताते हुए, श्री ठाकुर ने कहा कि हमें और अधिक प्रयास करने की जरूरत है, हम क्षेत्रीय उत्सवों की संख्या में वृद्धि कर भारत को फिल्म सामग्री के निर्माण की एक बड़ी शक्ति बनाना चाहते हैं। “हम युवाओं की अपार तकनीकी प्रतिभा का लाभ उठाकर भारत को दुनिया का पोस्ट-प्रोडक्शन हब बनाना चाहते हैं। हम भारत को फिल्मों और त्योहारों का केंद्र बनाना चाहते हैं, हम भारत को विश्व सिनेमा का केंद्र और कहानीकारों के लिए सबसे पसंदीदा स्थल बनाना चाहते हैं।”

52वें आईएफएफआई को एक बड़ा पर्व बताते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आईएफएफआई परिवर्तन की परिस्थितियों के साथ तालमेल करता रहा है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष आईएफएफआई में पहली बार, हमारे पास ओटीटी प्लेटफार्मों की उपस्थिति और उत्साही भागीदारी हुई है। आईएफएफआई ने नई प्रौद्योगिकियों को अपनाया है, दर्शकों के मंचों के विकल्प मौजूद रहे और बदलते समय के साथ तालमेल स्थापित किया है। हमने ब्रिक्स देशों की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का भी प्रदर्शन किया है और हम आशा करते हैं कि यह साझेदारी और आगे बढ़ेगी।”

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केन्द्रीय मंत्री ने अपनी तरह की अनूठी पहल “75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो” यानि भविष्य के 75 रचनात्मक लोगों पर बात की, जिसमें 75 नवोदित कलाकारों को आईएफएफआई में अवसर प्रदान किया गया था। उन्हें आजादी का अमृत महोत्सव के राष्ट्रीय उत्सव के हिस्से के रूप में अपनी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करने का दुर्लभ अवसर दिया गया था। “युवा प्रतिभाओं की पहचान करने और उनका पोषण करने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल में, हमने भविष्य के 75 क्रिएटिव माइंड्स का चयन किया। मुझे विश्वास है कि उनमें से कुछ न केवल फिल्म उद्योग के हिस्से के रूप में बल्कि सिनेमा जगत के प्रतीक के रूप में भी कुछ वर्षों के बाद वापस आएंगे। उन्हें जिस तरह का प्रोत्साहन मिला – सिनेमा उद्योग के मास्टर क्लास में इस अवसर को पाने वाले वे भाग्यशाली लोगों में से एक हैं। ”35 वर्ष से कम आयु के 7 महिला और 68 पुरुष कलाकारों वाले 75 युवाओं को निर्देशन, संपादन, गायन और पटकथा सहित फिल्म निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट कौशल के आधार पर चुना गया है। उनमें से सबसे छोटा प्रतिभागी 16 साल का बिहार का आर्यन कुमार है जिन्हें फिल्म निर्देशन में उनके कौशल के लिए चुना गया है।

केंद्रीय मंत्री ने “75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ़ टुमॉरो” के विचार को साकार करने के लिए और इस विचार पर विस्तार से चर्चा करने तथा अपने साथ काम करने के लिए प्रसिद्ध गीतकार और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड-सीबीएफसी के अध्यक्ष और वर्ष 2021 के लिए इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी अवार्ड के विजेता प्रसून जोशी के प्रति अपना व्यक्तिगत आभार व्यक्त किया।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बताया कि आईएफएफआई साल दर साल बड़ा होता जा रहा है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष आईएफएफआई में, फिल्म निर्माताओं, छात्रों और सिने प्रेमियों सहित दुनिया भर के लगभग 10,000 प्रतिनिधियों ने हाइब्रिड प्रारूप में भाग लिया। 234 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें लगभग 450 घंटे की फिल्में दिखाई गईं। इस प्रकार ऑनलाइन देखे गए कुल घंटे 30,000 से अधिक घंटे होते हैं। ”

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस वर्ष के आईएफएफआई में 73 देशों की चयनित की गई 148 से अधिक विदेशी फिल्मों की विविध सूची के साथ फिल्म प्रेमियों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रस्तुत किया गया। इस फिल्मोत्सव में 12 विश्व प्रीमियर, 7 अंतर्राष्ट्रीय प्रीमियर, 24 एशिया प्रीमियर और 74 भारत प्रीमियर हुए। 75 भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 17 को विशेष रूप से भारत @75 खंड के तहत चुना गया।

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अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि आईएफएफआई के इस संस्करण में भारतीय और विश्व सिनेमा के दिग्गजों और बड़ी हस्तियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा, “हमने हंगेरियन फिल्म निर्माता इस्तेवन स्जाबो और हॉलीवुड फिल्म निर्माता मार्टिन स्कॉर्सेस को सम्मानित किया। अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के दोनों दिग्गज हैं, जिन्हें प्रतिष्ठित सत्यजीत रे लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला है। हमने भारतीय सिनेमा की बड़ी शख्सियत प्रसून जोशी और हेमा मालिनी को इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया। 52वें आईएफएफआई में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के कई महानायकों स्वागत किया गया। एक विशेष श्रद्धांजलि भी जेम्स बॉन्ड का किरदार निभाने वाले सर सीन कॉनरी को दी गई थी।”

आईएफएफआई के इतिहास में पहली बार, नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन और सोनी जैसे अन्य सभी प्रमुख ओटीटी प्लेटफार्मों ने विशेष मास्टरक्लास, सामग्री लॉन्च और पूर्वावलोकन, क्यूरेटेड फिल्म पैकेज स्क्रीनिंग और विभिन्न अन्य ऑन-ग्राउंड और वर्चुअल प्रस्तुति के माध्यम से फिल्म समारोह में भाग लिया। भविष्य में ओटीटी प्लेटफार्मों की भागीदारी एक नियमित विशेषता बन जाएगी।

ओटीटी प्लेटफार्मों के साथ पहली बार सहयोग के बारे में बोलते हुए, श्री ठाकुर ने ऑनलाइन कार्यक्रमों और उत्सव में भागीदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनहोंने कहा, “ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक साथ 50 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के सहयोग से 10 मास्टर क्लास और इन-कनवर्सेशन सत्र आयोजित किए गए। मनोज बाजपेयी, ऋतिक रोशन, शूजीत सरकार और सिनेमा के कई अन्य महानायकों ने महोत्सव में अपने अनुभव और कला को साझा किया।

विख्यात अभिनेत्री और विशिष्ट अतिथि माधुरी दीक्षित के बारे में बात करते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वह मनोरंजन की दुनिया में एक बड़ा नाम रही हैं। श्री ठाकुर ने कहा, “मुझे यकीन है कि वह लोगों के दिलों पर राज करती रहेंगी और आने वाले कई सालों तक मनोरंजन की दुनिया में योगदान देती रहेंगी।”

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गोल्डन पीकॉक और अन्य फिल्मोत्सव पुरस्कारों की घोषणा से पहले, सूचना और प्रसारण मंत्री ने सभी दावेदारों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं, साथ ही उन सभी फिल्मों और फिल्म निर्माताओं को बधाई दी, जिन्हें महोत्सव में सम्मानित किया गया है। श्री ठाकुर ने कहा, “उनका काम और योगदान आने वाली पीढ़ियों को उच्च लक्ष्य तय करने और क्षेत्र में लोकप्रिय बनने के लिए प्रेरित करेगा।”

श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आईएफएफआई में भाग लेने के लिए कोविड-19 महामारी के बीच भी 20 या 30 घंटे से अधिक समय तक दुनिया भर में यात्रा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने वैश्विक समुदाय को भारत में आने और फिल्मों की शूटिंग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, “कृपया आइए और भारत में फिल्मों की शूटिंग कीजिये। फिल्म सुविधा कार्यालय आपको एक राज्य से दूसरे राज्य में आपकी जरूरत की हर सुविधा मुहैया कराएगा।”उत्तर प्रदेश में आगामी फिल्म सिटी के बारे में बोलते हुए, श्री ठाकुर ने कहा कि राज्य 1000 एकड़ की फिल्म सिटी के साथ आ रहा है। उन्होंने कहा, “वे बस सही लोगों के आने और निवेश करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

मंत्री महोदय ने आईएफएफआई भारतीय पैनोरमा फिल्म खंड के निर्देशक और अभिनेता एमी बरुआ की दीमासा भाषा की पहली फिल्म सेमखोर की सराहना की। “एमी बरुआ को असम के आदिवासी समुदाय के कब्जे वाले स्थान पर एक वर्ष तक रहना पड़ा, दीमासा भाषा सीखने के लिए, उन्हें विभिन्न बाधाओं को पार करना पड़ा जैसे कि सवेरे जल्दी शूटिंग पूरी करनी थी, ताकि फिल्म जल्दी पूरी की जा सके, इसके लिए मैं बरुआ की सराहना करता हूं।”

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श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने स्मरण किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की है कि आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, सरकार जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के जन्मदिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाएगी। श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने एमी बरुआ को संबोधित करते हुए कहा, “भारत सरकार ने 15 नवंबर से 22 नवंबर, 2021 के बीच के सप्ताह को जनजातीय गौरव सप्ताह के रूप में मनाया है। यह बहुत अच्छा है कि हमें इस महीने में ही जनजातीय समुदाय पर एक फिल्म मिल जाती है।”इसके लिए मैं आपकी सराहना करता हूं।”

केंद्रीय मंत्री ने एनएफडीसी को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया। “इसके माध्यम से, आपको ऐसी फिल्में बनाने का भी मौका मिलेगा जिनसे वित्तीय रिटर्न देने में संदेह हो रहा है, हम दुनिया भर में भारत की संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।”

मंत्री महोदय ने भारत के सिनेमा और हिंदी भाषा को दुनिया के विभिन्न कोनों में ले जाने के लिए फिल्म जगत की सराहना की और कहा कि सरकार इस दिशा में काम करने के लिए फिल्म उद्योग का समर्थन करेगी।

मंत्री महोदय ने प्रसून जोशी की सराहना की, जिन्हें वर्ष 2021 के लिए इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी अवार्ड प्रदान किया गया है। श्री ठाकुर ने कहा, “प्रसून जोशी एक प्रतिभा के साथ नहीं, बल्कि विविध प्रतिभाओं का समूह हैं। मुझे खुशी है कि श्री जोशी को अभिनेता हेमा मालिनी के साथ भारत की आजादी के 75वें वर्ष के अवसर पर पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है।

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श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सभी से वादा किया कि आईएफएफआई का आयोजन अगले साल उसी समय और स्थान पर होगा जैसा कि इस संस्करण में हुआ था, यानी 20 से 28 नवंबर, 2022 के दौरान गोवा में ही होगा।

केंद्रीय मंत्री ने अपने सम्बोधन का समापन सभी मौजूदा और महत्वाकांक्षी फिल्म निर्माताओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए किया और सरकार का- नीति निर्माण, विकास और कार्यान्वयन दोनों के स्तर पर पूरा सहयोग देना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। यह पूरे ईकोसिस्टम और उद्योग को उत्कृष्टता के नए शिखरों पर पहुंचाने में मदद करने के लिए आवश्यक है।

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