पंजाब विश्वविद्यालय में सबसे कम उम्र के सीनेट सदस्य बनने वाले अब सबसे वरिष्ठ सदस्य बने सत्य पाल जैन

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चंडीगढ़ 22 सितम्बर : चण्डीगढ़ के पूर्व सांसद तथा भारत सरकार के एडिशनल सोलीसिटर जेनरल सत्य पाल जैन ने पंजाब विश्वविद्यालय के चांसलर एवं भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू एवं वाईस चांसलर प्रो. राज कुमार, का उन्हें पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट (2020- 2024 ) का पुन: सदस्य मनोनीत करने पर आभार व्यक्त किया है। श्री जैन की पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट के सदस्य के रूप में यह 11 वीं पारी होगी और वे अब इस महत्वपूर्ण सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य बन गये हैं । सीनेट में उनके मनोनयन पर उन्हें बधाई देने बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोग उनके निवास पहुंचे.

 

इमरजेंसी के दौरान लॉ में नहीं मिला था प्रवेश :

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1975 में जब देश में इमरजेंसी लगी थी तो श्री जैन को मैरिट लिस्ट में होने के बावजूद पंजाब विश्वविद्यालय ने लॉ विभाग में प्रवेश देने से इनकार कर दिया था तथा उन्हें तब की सरकार ने लगभग एक वर्ष तक बुडैल जेल में बन्द रखा था। उन्होंने आपातकाल में ही, जेल से छूटने  के बाद सीनेट का चुनाव लड़ा था ।

 

24 वर्ष की उम्र में सीनेट के लिये ग्रैजुऐटस निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित :

सबसे पहले श्री जैन 1976 में मात्र 24 वर्ष की उम्र में ही सीनेट के लिये ग्रैजुऐटस निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुये थे. वे लगातार चार बार 1976, 1980, 1984 एवं 1988 में इसी क्षेत्र से चुनाव जीतते रहे। उसके बाद उन्हें अबतक लगातार 7 बार,  देश के सभी 5 उपराष्ट्रपतियों, के. आर. नारायण, कृष्ण कांत,  भैरों सिंह शेखावत,  हामिद अंसारी और वर्तमान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा क्रमशः 1996, 2000, 2004, 2008, 2012, 2016 तथा अब 2021 में सीनेट का सदस्य मनोनीत किया गया है।

 

अब 11वीं पारी के एक मात्र सबसे वरिष्ठ सदस्य :

गौरतलब है कि वर्तमान सीनेट के सभी सदस्यों में वे अब 11वीं पारी के एक मात्र सबसे वरिष्ठ सदस्य हो गये हैं। इस तरह 1975 में जिन्हें  विश्वविद्यालय में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया था उन्होंने सीनेट के सदस्य के रूप में अपने अनुभव का योगदान देने का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम कर लिया. वर्ष 1976 में सबसे कम उम्र के सदस्य के नाते सीनेट में प्रवेश करने वाले श्री जैन अब इसी सदन के, कार्यकाल के नाते, सबसे वरिष्ठ सदस्य होंगे।

उपराष्ट्रपति एम् वेंकैया नायडू द्वारा श्री जैन को पुनः पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट का सदस्य मनोनीत करने की खबर आज दिनभर चंडीगढ़ में तैरती रही और उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. उन्हें बधाई देने वालों में भाजपा कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में उनके समर्थक एवं न्यायिक और शैक्षणिक दुनिया के लोग भी शामिल रहे.

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