रूमी छाबड़ा बने रबड़, केमिकल एंड पेट्रोकेमिकल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन

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नई दिल्ली। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत रबड़, केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (आरसीपीएसडीसी) के नए चेयरमैन रूमी छाबड़ा को नियुक्‍त किया गया है। आरसीपीएसडीसी के निदेशक मंडल की बैठक में सर्वसम्मति से इनका चयन किया गया। श्री छाबड़ा आरसीपीएसडीसी के गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों और इंडस्ट्री के साथ मिलकर कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य करेंगे।

रबड़ के क्षेत्र में 38 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले रूमी छाबड़ा मेट्रो टायर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और इंडियन साइकिल एंड रिक्‍शा टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन  के अध्यक्ष भी हैं। श्री छाबड़ा के नेतृत्‍व में चल रही मेट्रो टायर्स कंपनी साइकिल रिक्‍शा टायर्स और ट्यूब सेगमेंट में अग्रणी निर्माता है।

नवनियुक्‍त चेयरमैन श्री रूमी छाबड़ा ने कहा कि रबड़ व पेट्रोकेमिकल उद्योग देश में तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। इस क्षेत्र में कौशल  प्रशिक्षण की आवश्‍यकता है और इसमें करियर की अपार संभावनाएं है। देश की अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण योगदान दे सकता है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में इस काउंसिल के अंतगर्त केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल सेक्‍टर का समावेश हुआ है। इस क्षेत्र में युवाओं को कौशल शिक्षा देने के लिए कुछ जॉब रोल इंडस्‍ट्री के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे है। जॉब रोल का स्‍ट्रक्‍चर ऐसा तैयार किया जा रहा है, जिसमें लाइट प्रोजेक्ट और ऑन जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी। जिससे युवाओं को उद्योग की आवश्यकता के अनुसार ट्रेंड किया जा सके। आरसीपीएसडीसी एक ऐसा काउंसिल है, जो व्यक्ति का उपयुक्त कौशल में प्रशिक्षण व प्रमाणित होने में मदद करता है।

नवनियुक्त चेयरमैन का स्वागत करते हुए आरसीपीएसडीसी की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शिवानी नागपाल ने बताया कि श्री छाबड़ा  आरसीपीएसडीसी की स्थापना के समय गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के तत्वाधान में रबड़, केमिकल व पेट्रोकेमिकल के क्षेत्र में कौशल विकास व प्रशिक्षण के लिए अखिल भारतीय रबड़ उद्योग संघ, ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा आरसीपीएसडीसी की स्थापना की गई है। इस काउंसिल ने पिछले कुछ वर्षो में रबड़ और प्लास्टिक उद्योग के लिए 10 लाख से अधिक लोगों को कुशल  बनाया है।

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