आपदा होने पर कलक्टर स्वयं घटनास्थल पर जाएं और व्यवस्थाओं का जायजा लें : मुख्य सचिव

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जयपुर, 13 जुलाई। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने सभी जिला कलक्टरों को निर्देश दिये कि कोई भी आपदा होने पर वे संवेदनशीलता और गंभीरता दिखाते हुए स्वयं घटना स्थल पर जाएं और व्यवस्थाओं का जायजा लें। उन्होंने कहा कि अधिकारी मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणियों और चेतावनियों पर भी नजर रखें। आपदा प्रबंधन के तहत जिलों को चैक लिस्ट दी गई है। इसको ध्यान में रख सभी जिले मानसून के दौरान किसी भी तरह की आपदा का मुकाबला करने के लिए स्वयं को तैयार करें। उन्होंने कहा कि जिले एसडीआरएफ के तहत आवंटित बजट से खोज एवं बचाव उपकरण आवश्यकतानुसार क्रय कर सकते हैं।
मुख्य सचिव मंगलवार को यहां शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स के साथ सार्वजनिक निर्माण विभाग, सम्पदा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा पर्यटन विभाग के विभिन्न मुद्दों की समीक्षा कर रहे थे। श्री आर्य ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों तथा एमडीआर-पीपीपी योजनाओं के लिए जिलों में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा देने तथा म्यूटेशन करवाने आदि के काम शीघ्रता से पूरे किये जाएं। उन्होंने कहा कि कलक्टर तथा संभागीय आयुक्त बजट घोषणाओं के तहत विभिन्न जिलों में स्थापित होने वाले महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भी भूमि आवंटन के कार्य में भी त्वरित कार्यवाही करें। श्री आर्य ने कहा कि डीएमएफटी फंड से अनुमत महाविद्यालयों के भवन निर्माण लिए जिला कलक्टर स्वीकृति भेजें, जिससे समय पर निर्माण कार्य किया जा सके। उन्होंने राजकीय नजूल सम्पत्तियों का डेटा ऑनलाइन अपडेट करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिये।
श्री आर्य ने सभी जिला कलक्टरों को कहा कि वे अपने-अपने जिलों में राजस्थान पर्यटन विकास निगम की वर्तमान में बन्द पड़ी इकाइयों के संभावित उपयोग के बारे में भी विचार करें और विभाग को सुझाव दें। उन्होंने प्रदेश में पर्यटन को नई गति देने के लिए सभी जिला कलक्टरों को अपने-अपने जिलों में नई संभावनाएं तलाशने और एक-एक नया सुझाव देने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना ने पर्यटन पर निर्भर व्यक्तियों जैसे गाइड, टैक्सी चालक एवं छोटे दुकानदारों आदि को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऎसे लोगों को सम्बल देने के लिए अधिकारी राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओँ में उनकी पात्रता के अनुसार सहायता दिलवाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता सैनानियों को दी जाने वाली सम्मान राशि राज्य सरकार द्वारा 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी गई है। जिला कलक्टर बढ़ी हुई सम्मान राशि समय पर दिया जाना सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव, आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग श्री आनन्द कुमार, प्रमुख शासन सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री राजेश यादव, प्रमुख शासन सचिव, पर्यटन विभाग श्रीमती गायत्री राठौड तथा शासन सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग श्री एन.एल. मीणा उपस्थित थे। सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर एवं संबंधित विभागों एवं जिलाधिकारियों ने वीसी के माध्यम से वीसी में हिस्सा लिया।

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