ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेंद्र तोमर ने ब्लॉक व जिला विकास योजनाओं की रूपरेखा पेश की

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नई दिल्ली। यह ढांचा स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों, स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके ब्लॉक और जिला स्तरों पर समावेशी विकास को बढ़ावा देगा। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आज ब्लॉक और जिला विकास योजनाओं के लिए रूपरेखा पेश की। यह ढांचा, योजना तैयार करने के लिए ब्लॉक और जिला पंचायतों के लिए कदम दर कदम मार्गदर्शक है और उपयुक्‍त स्तर पर योजनाकारों, संबंधित हितधारकों की सहायता करेगा।

श्री तोमर ने उम्मीद व्यक्त किया कि इस ढांचा को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों, स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके निश्चित रूप से ब्लॉक और जिला स्तरों पर समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। फ्रेमवर्क सभी संसाधन व्यक्तियों, हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में काम करेगा, जो मध्यवर्ती / ब्लॉक और जिला पंचायतों में विकेंद्रीकृत योजना से जुड़ा है और त्वरित, भागीदारी और समावेशी विकास प्रदान करके ग्रामीण भारत को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


वीडियो कांफ्रेंस में सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के पंचायती राज विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव, निदेशक, एसआईआरडीएस के निदेशक और एनआईआरडीपीआर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भारत के संविधान के 73वें संशोधन ने त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली, (i) ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, (ii) प्रखंड/ तालुका / मंडल स्तर पर मध्यवर्ती पंचायत और (iii) जिला स्तर पर जिला पंचायत को औपचारिक रूप दिया। 15वें वित्त आयोग के अनुदानों को 2020-21 से मध्यवर्ती और जिला पंचायतों में भी वितरित किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में कुल रु 60750 करोड़ पंचायतों को वितरित किया जाना है। जिसमें से ग्राम पंचायतों के लिए रु 45774.20 करोड़, मध्यवर्ती पंचायतों के लिए रु 8750.95 करोड़ और जिला पंचायतों के लिए रु 6224.85 करोड़ निर्धारित है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए व्यापक रूप से ब्लॉक डेवलपमेंट प्लान और डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए इन संस्थानों को सहयोग करने की आवश्यकता है।

इसको ध्यान में रखते हुए पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा, डॉ बाला प्रसाद पूर्व विशेष सचिव, पंचायती राज मंत्रालय की अध्यक्षता में गठित एक समिति द्वारा मध्यवर्ती / ब्लॉक और जिला पंचायतों के लिए योजना हेतु एक विस्तृत ढांचा तैयार किया गया है। इस समिति में संबंधित सहयोगी मंत्रालयों के प्रतिनिधि, एनआईआरडीपीआर, एसआईआरडी, केआईएलए के प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, जिला और ब्लॉक पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं।


समिति ने इस ढांचे को तैयार करते समय पंचायतों के ऊपरी स्तरों पर योजना के विभिन्न आयामों पर विचार विमर्श किया और प्रक्रिया में शामिल हितधारकों के साथ विस्‍तृत रूप से बातचीत की।योजनाओं की तैयारी की प्रक्रिया संबंधी विस्तृत विश्लेषण, राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों की भूमिका, विभिन्न स्तरों पर अभिसरण और सामूहिक कार्रवाई की गुंजाइश न केवल शामिल एजेंसियों के बीच समझ में सहायक होगी, वरन मानवीय नियोजन की शर्तों को सक्षम बनाने से संबंधित लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार करेगा।

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