केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकास जावडेकर ने किन 6 कारणों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया ?

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सुभाष चन्द्र चौधरी/संपादक

नई दिल्ली : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रदूषण केवल भारत ही नहीं दुनिया भर की यह समस्या है. उनका कहना था कि अलग-अलग देशों में प्रदूषण के अलग-अलग कारण है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने फेसबुक के माध्यम से आज लोगों से संवाद स्थापित किया और उनके सवालों के जवाब दिए.

उन्होंने आम जनमानस का आह्वान किया कि उन्हें भी प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देना होगा उनकी ओर से भी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों में सहयोग करना होगा। उन्होंने भारत में प्रदूषण के 5-6 प्रमुख कारणों का उल्लेख किया। उन्होंने भारत में बेतहाशा प्रदूषण बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण ट्रैफिक यानी वाहनों की बेतहाशा बढ़ती संख्या को बताया।

इसके दूसरे प्रमुख कारण के रूप में केंद्रीय मंत्री ने उद्योग का उल्लेख किया। उनकी नजरों में तीसरा सबसे प्रमुख कारण देश में वेस्ट मैनेजमेंट में बरती जाने वाली अनियमितता है . उन्होंने देश के विभिन्न शहरों जिनमें दिल्ली एनसीआर भी शामिल है मैं बड़े पैमाने पर होने वाले निर्माण के कारण उत्पन्न होने वाले धूल को चौथा प्रमुख कारण माना। उन्होंने पांचवा प्रमुख कारण के रूप में किसानों द्वारा जलाए जाने वाली पराली भूसा को भी इसमें शामिल किया।

श्री जावड़ेकर ने अलग-अलग शहरों की भौगोलिक परिस्थिति या यूं कहें भारत की भौगोलिक परिस्थिति को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।उन्होंने दावा किया कि इन्हीं 5 -6 कारणों से प्रदूषण बढ़ाने वाले कम उड़ जाते हैं या फिर वातावरण में टिके रहते हैं।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फेसबुक के माध्यम से लोगों से संवाद स्थापित करने के क्रम में बताया कि केंद्र सरकार ने अब bs6 इंधन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. उन्होंने दावा किया कि इस इंधन से प्रदूषण में 25 से 60% तक कमी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना पर 62 हजार करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कद्दू की विस्तार से जानकारी दी उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जमाने में मेट्रो की शुरुआत हुई और उसके बाद सीएनजी के साथ-साथ ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मेट्रो और सीएनजी बसों के परिचालन से काफी फायदा हुआ क्योंकि मेट्रो से आज 45 से 50 लाख लोग यात्रा करते हैं।

उन्होंने कहा कि अब बड़े सभी बड़े शहरों में इलेक्ट्रिकल बस चलाई जा रही है मुंबई में इसकी शुरुआत हो चुकी है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हालांकि प्रदूषण की समस्या दिल्ली में लंबे अरसे से है लेकिन वर्ष 2015 में नरेंद्र मोदी सरकार ने ही पहली बार नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स लांच किया।

उन्होंने देश की जनता से खासकर बड़े शहरों में रहने वाले लोगों से भारत सरकार की ओर से लांच किए गए SMEER समीर एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने का आह्वान किया उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से आप किसी भी शहर के प्रदूषण युक्त या प्रदूषण रहित क्षेत्र की जानकारी हासिल कर सकते हैं इससे बहुत सारे शहरों में प्रदूषण की पूरी जानकारी मिल सकेगी। प्रदूषण की दृष्टि से अलग-अलग शहरों के लिए अलग-अलग रंग में संकेत दिया जाता है।

इस संवाद में जन सामान्य ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ जुड़कर उनसे कई सवाल किए। केंद्रीय मंत्री ने उन सभी सवालों का विस्तार से जवाब दिया। सवाल जवाब की इस दौर में किसी ने उनसे जन सामान्य की योगदान के बारे में पूछा तो किसी ने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी। किसी ने उनसे प्रदूषण की मॉनिटरिंग की व्यवस्था पर सवाल पूछा तो किसी ने भौगोलिक परिस्थितियों से होने वाले प्रदूषण को लेकर जानकारी मांगी।

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