पंजाब मंडी बोर्ड को ‘क्विक’ ऐप के लिए राष्ट्रीय पी.एस.यू. अवॉर्ड -2020 हासिल

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कोविड की स्थिति में फ़सल खरीदने के प्रबंधों की देख-रेख करने समेत अन्य कार्यों के लिए कारगर सिद्ध हो रही है मोबाइल ऐप

चंडीगढ़, 26 सितम्बर : पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा अपनी किस्म की नवीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोबाइल ऐप ‘क्विक’ के सफलतापूर्वक संचालन पर मंडी बोर्ड को ‘राष्ट्रीय पी.एस.यू. अवॉर्ड -2020’ हासिल हुआ है। यह अवॉर्ड बीते दिन देर शाम राष्ट्रीय पी.एस.यू. (पब्लिक सैक्टर अंडरटेकिंग) सम्मेलन के दौरान एशिया की टैक्रोलॉजी और मीडिया रिर्सच क्षेत्र की प्रमुख संस्था ‘ईलैट्स टैक्नोमीडिया’ द्वारा दिया गया।

सम्मेलन में पंजाब मंडी बोर्ड के इस अलग प्रयास की भरपूर प्रशंसा की गई, जिसके द्वारा मंडी बोर्ड की रोज़ाना की गतिविधियां चलाने के लिए ऐप के रूप में मंच मुहैया करवाया गया, जिस पर वरिष्ठ अधिकारी अपने फील्ड स्टाफ के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं, जिससे कोविड महामारी के दौरान फ़सल के खऱीद कार्यों को सुचारू ढंग से पूरा किए जाने को यकीनी बनाया जा सके।

यह प्रगटावा करते हुए बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्मेलन के दौरान क्विक ऐप को कोविड -19 के दौरान विलक्षण डिजिटल पहल बताते हुए इसे मान्यता देते हुए राष्ट्रीय पी.एस.यू. अवॉर्ड-2020 के लिए पंजाब मंडी बोर्ड की चयन की गई। इस सम्मेलन के मुख्य मेहमान पूर्व केंद्रीय रेलवे मंत्री और सांसद सुरेश प्रभु थे। उन्होंने बताया कि वैबीनार के दौरान मंडी बोर्ड की टीम ने यह अवॉर्ड हासिल किया।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि बोर्ड ने क्विक वीडियो कॉलिंग मोबाइल ऐप की शुरुआत की, जिससे सिफऱ् सिंगल क्लिक के साथ ऑडियो और वीडियो कॉल की जा सकती है। इस समय पर भी इस ऐप के प्रयोग से राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मंडी बोर्ड के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ के साथ धान की खऱीद संबंधी किए जा रहे कार्यों की निगरानी सुचारू ढंग से कर रहे हैं। ईलैट्स टैक्नोमीडिया की वैश्विक कॉन्फ्ऱेंसों के द्वारा उच्च कोटी के चिंतकों और अलग-अलग सैकटरों से सम्बन्धित औद्योगिक दिग्गजों के दरमियान जानकारी साझा करने के लिए मंच मुहैया करता है और इन कॉन्फ्ऱेंसों में आई.टी. और ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास सैकटरों के विभिन्न नीति निर्माता, माहिर, विचारक और उद्योगपति हिस्सा लेते हैं।

पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह ने ऐसी आधुनिक टैक्रोलॉजी को अपनाने और संचालन के लिए मंडी बोर्ड के टीम के अथक यत्नों की सराहना करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्यौगिकी मौजूदा दौर में समय की ज़रूरत है। उन्होंने इस अवॉर्ड के लिए मंडी बोर्ड की टीम को बधाई दी, क्योंकि बोर्ड ने मौजूदा स्थिति में ऐसा अनोखा हल निकाला जो अभी तक अन्य सरकारी विभाग के पास नहीं है।

इसी दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिरूद्ध तिवाड़ी ने भी इस विलक्षण उपलब्धि के लिए मंडी बोर्ड की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड की टीम ने हमेशा ही बोर्ड और उसके फील्ड स्टाफ के लिए ई-गवर्नेंस पर ध्यान एकाग्र किया है। उनके द्वारा विभाग की जि़म्मेदारी लेने से लेकर वह ख़ुद ऐसे प्रोजेक्टों के अमल के लिए साप्ताहिक आधार पर जायज़ा लेते हैं। उन्होंने टैक्रोलॉजी आधारित कई कदमों को शामिल करते हुए बहुत से सुझाव दिए हैं।

इसी दौरान मंडी बोर्ड के सचिव रवि भक्त ने बताया कि यह ऐप एक पृथक प्रयास है जो संचार, पारदर्शिता और दफ़्तरी कामकाज के तेज़ी से निपटारे के लिए और ज्य़ादा सुरक्षा मुहैया करवाएगा। इस ऐप की विशेषताओं में एक क्लिक के साथ वीडियो और ऑडियो कॉल, ग्रुप कॉल्ज़ के लिए ग्रुप की सृजन करना, ब्राउजऱ आधारित वीडियो कॉल्ज़, स्क्रीन शेयरिंग, यूजऱ समर्थकीय यू.आई. डिज़ाइन और सुरक्षा शामिल हैं।

जि़क्रयोग्य है कि शुरुआत से लेकर पंजाब स्टेट एग्रीकल्चर मार्किटिंग बोर्ड ने कृषि सैक्टर में किसानों और आम लोगों समेत हमेशा समाज के कल्याण के लिए काम किया है। इस उद्देश्य के लिए मंडी बोर्ड, पंजाब सरकार और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर किए गए प्रयासों को आगे ले जाने में योगदान डालता आ रहा है। पंजाब मंडी बोर्ड की मैनेजमेंट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फ़ैसलों में मज़बूत मंडी ढांचा स्थापित किया जाना मुख्य तौर पर शामिल है। मुल्क के अन्य राज्य पंजाब के कृषि सैक्टर ख़ासकर पंजाब मंडी बोर्ड के संदर्भ में मिसाल के तौर पर देखते हैं। इसी तरह मंडी बोर्ड ने सूचना प्रौद्यौगिकी के क्षेत्र में भी अहम कदम उठाया हैं, जिससे किसान भाईचारे और आम लोगों तक पहुँच की जा सके।

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