राज किसान साथी पोर्टल का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश

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जयपुर, 6 सितम्बर। कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा ने काश्तकारों को सभी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर ऑनलाइन मुहैया कराने के लिए विकसित किए जा रहे ’राज किसान साथी’ पोर्टल का कार्य समयबद्ध ढंग से शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। श्री मीणा रविवार को यहां पंत कृषि भवन में अधिकारियों के साथ पोर्टल की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। प्रमुख शासन सचिव श्री मीणा ने कहा कि यह एकीकृत पोर्टल किसान और पशुपालक के लिए बहुत लाभदायक है, जिसमें सभी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर ऑनलाइन मिल सकेगा।

उन्होंने एप निर्माण में उच्च गुणवत्ता का समावेश करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को इसके उपयोग में आसानी हो और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके। उन्होंने इस पोर्टल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रत्येक एप का कार्य तय तारीख पर पूर्ण करें तथा प्राथमिकता के आधार पर जो एप ज्यादा जरूरी है, वह पहले बनाएं। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभाग प्राथमिकता से एप बनवाएं। उन्होंने कहा कि वह हर एप के निर्माण की तारीख तय कर प्रत्येक महीने समीक्षा करेंगे।           

            आयुक्त, कृषि डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस साल बजट भाषण में किसानों की सुविधा के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग फामिर्ंग’ की घोषणा की थी। उसी के तहत ’राज किसान साथी’ पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए पंत कृषि भवन में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की गई है। इस पोर्टल पर 150 एप विकसित किए जाने हैं, जिनमें से 20 से अधिक एप का कार्य पूर्ण हो चुका है। डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि इस पोर्टल के जरिये किसानों को कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की सब्सिडी के आवेदन व खेती की सम्पूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी। साथ ही अनुदान योजनाओं में आवेदन प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा रहा है। इस पोर्टल के जरिये आवेदन से लेकर किसान के खाते में अनुदान के भुगतान तक की प्रक्रिया अब सम्पूर्ण रूप से ऑनलाइन ही होगी। उन्होंने बताया कि इस एकीकृत पोर्टल में कृषि, उद्यान, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन विभाग, बीज निगम व जैविक प्रमाणीकरण संस्था को शामिल किया गया है।


बैठक में कृषि विपणन विभाग के निदेशक ताराचंद मीणा, राज्य बीज निगम के महाप्रबंधक जसवंत सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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