गुरुग्राम पुलिस कमिश्नरी को मिले 59 प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टर

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गुरुग्राम पुलिस आयुक्त के के राव ने दी कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बनने की सीख 

2 साल की फिल्ड ट्रेनिंग के दौरान पुलिस में काम करने के तौर तरीके सीखेंगे 

हरियाणा में चयनित कुल प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों में 15 प्रतिशत को जिला गुरुग्राम भेजा गया 

सभी स्नातक, स्नातकोत्तर एवं बी टेक व बी फार्म डिग्री लिए हुए हैं 

सुभाष चौधरी

गुरुग्राम : बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद गुरुग्राम कमिश्नरी को 59 प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टर मिले. ये सभी गुरुग्राम में ही 02 साल की फिल्ड ट्रैनिंग करेगें। फिल्ड ट्रेनिंग के लिए गुरुग्राम पहुंचे 59 प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों को गुरुग्राम पुलिस आयुक्त के के राव से मिले. श्री राव ने संबोधित करते हुए उन्हें जनता के प्रति समर्पित, ईमानदार, कर्मठ और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बनने की नसीहत दी.

उल्लेखनीय है कि 2 साल की फिल्ड ट्रेनिंग के दौरान सभी 59 प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टर गुरुग्राम पुलिस आयुक्तालय के निर्देशन में पुलिस प्रणाली, पुलिस कार्यशैली, जिला पुलिस कार्यशैली, न्यायालयों में पुलिस की भूमिका, पुलिस थाना की कार्यशैली, पुलिस कार्यालयों की कार्यशैली, यातायात पुलिस की ड्यूटी व वी.आई.वी. ड्यूटी सहित पुलिस की विभिन्न प्रकार की जिमीदारियों की गहन ट्रेनिंग लेगें।

 

हरियाणा में पिछले वर्ष चयनित किए गए प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों ने अपनी बेसिक ट्रेनिंग हाल ही में हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में पूर्ण की। बेसिक ट्रेनिंग पास करने वाले प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों को 2 वर्ष की फिल्ड ट्रैनिंग के लिए हरियाणा के सभी जिलों में तैनात किया गया है। बेसिक ट्रेनिंग पास करने वाले प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों की कुल संख्या का लगभग 15 प्रतिशत प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों को जिला गुरुग्राम में 2 साल की फिल्ड ट्रैनिंग के लिए भेजा गया है।

 

सभी 59 सब इंस्पेक्टर्स आज के.के.राव, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम से मिले. पुलिस आयुक्त ने उनके साथ बातचीत करते हुए उन्हें एक उच्च श्रेणी का पुलिस अधिकारी बनने की सीख देते के कर्म में फिल्ड ट्रेनिंग के बारे में भी विस्तार से समझाया .

उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्ड ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग पुलिस थानों, प्रोसिक्युशन शाखाओं, न्यायालयों, पुलिस कार्यालयों, यातायात स्टाफ के रूप में तैनात किया जाएगा। इन स्थानों पर जिला पुलिस के साथ रहते हुए उन्हें ड्यूटियां करनी होंगी व पुलिस कार्यप्रणाली को गहनता से सीखने होंगे. उनका कहना था कि पुलिस किस प्रकार से कार्य करती है, किस प्रकार से लोगों के साथ बातचीत करती है, किस प्रकार से लोगों के बीच रहकर शान्ति कायम रखती है, यातायात का संचालन सुचारु रूप से कैसे किया जाता है, विषम परिस्थितियों में कैसे ड्यूटि करते हैं , न्यायालयों में पुलिस कैसे ड्यूटी करती है, न्यायालयों की कार्यवाही, कोर्ट प्रोसिक्युशन, वी.आई.पी. के आगमन पर कैसे ड्यूटी की जाती है, थानों में मुन्शी का कार्य, अनुसंधान अधिकारी का कार्य, संतरी ड्यूटी, रात्री गस्त, विशेष अभियान के तहत पुलिस की ड्यूटीयां, रैली जलसे में पुलिस की ड्यूटियां, पुलिस कार्यालयों में रहकर पुलिस की ड्यूटियां, पुलिसबल तैनाती, चुनावों में पुलिस की ड्यूटियां, आपसी मेलमिलाप रखते हुए छोटे व बङे अधिकारियों के साथ ड्यूटियां, अन्य विभागों के साथ पुलिस की ड्यूटियां, अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियोग के दौरान पुलिस की ड्यूटियां, प्रतिकुल मौसम (गर्मी, सर्दी, बारिश इत्यादि) में पुलिस की ड्यूटियां, अपराध शाखाओं में रहकर पुलिस की ड्यूटियां, संदिग्धों की पहचान, पुलिस कन्ट्रोल के साथ तालमेल, जनता के साथ तालमेल सहित पुलिस की विभिन्न प्रकार की कार्यशैली, पुलिस प्रणाली व रहन-सहन इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जाएगा. उनके अनुसार ये सभी विषय ट्रेनिंग का हिस्सा होगें।

 

पुलिस आयुक्त ने कहा कि फिल्ड ट्रेनिंग के लिए गुरुग्राम पहुंचे सभी प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों का अलग-अलग बैच बनाकर उनका सैड्यूल तैयार किया गया है। गुरुग्राम पुलिस द्वारा तैयार किए गए सैड्यूल के अनुसार  समयानुसार इनकी एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदली की जाएगी, ताकि ये पुलिस की उपरोक्त ड्यूटियों के बारे में अच्छे से सीख सकें और अपनी फिल्ड ट्रेनिंग बहुत अच्छे से पूर्ण कर सके।

 

उन्होंने प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों को बताया कि जनता का अच्छा सेवक बनने के लिए एक उच्च श्रेणी का पुलिस अधिकारी होना आवश्यक है. एक पुलिस अधिकारी को उच्च श्रेणी का उसे उसकी फिल्ड ट्रेनिंग बनाती है। जिस पुलिस अधिकारी की फिल्ड ट्रेनिंग जितनी अच्छी होगी वह अधिकारी उतना ही निपुण होगा तथा जनता के बीच प्रभावशाली व आदर्श जनता का सेवक साबित होगा। इसलिए सभी अपनी फिल्ड ट्रेनिंग के दौरान प्रत्येक टॉपिक को विस्तारपूर्वक सीखें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े । उनका कहना था कि पुलिस एक अनुशासित बल है और एक पुलिस अधिकारी को सदैव अनुशासन तथा कानून के दायरे में रहकर लोगों की सेवा करनी होती है। अतः यह फिल्ड ट्रेनिंग आपके जीवन का अहम हिस्सा है, इस दौरान जितना सीखेंगे उतना ही आपके भविष्य के लिए अधिक लाभदायक होगा।

 

पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस ट्रेनिंग के दौरान इन्होनें कब क्या और कितना सीखा, इस बारे में प्रत्येक सप्ताह इनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी ली जाएगी। प्रोग्रेस रिपोर्ट के आकलन के बाद पाया गया कि यदि किसी प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टर को कोई समस्या का सामना करना पङ रहा है तो उसकी समस्या का निवारण कर उसकी हर सम्भव सहायता की जाएगी।

 

पुलिस आयुक्त ने फिल्ड ट्रेनिंग के लिए आए सभी प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सभी ने उच्च शिक्षा ग्रहण की हुई है और सभी शिक्षित हैं । इन 59 प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों में 51 पुरुष व 08 महिला प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टर हैं. इनमें  एम.एस.सी. – 04, एम.ए.  – 01,  बी.एस.सी. – 15, बी.टेक- 20, बी.ई. – 01, बी.बी.ए. – 01, बी.कॉम – 02, बी.फार्मा – 01, बी.एस.सी. कम्पयूटर साईंस – 1 और  बी.ए. पास 12 सब इंस्पेक्टर्स हैं.

श्री राव यह कहते हुए आगाह किया कि अभी तक उन्होनें पुलिस को गस्त करते, थानों में बैठा, गाङियों में घूमता  हुआ देखा है किन्तु ग्राउण्ड लेवल पर पुलिस कैसी है, उनकी जीवनशैली तथा उनकी कार्यशैली कैसी है ये सब पुलिस के साथ ड्यूटियां करते हुए देख सकेंगे। फिल्ड ट्रेनिंग एक ऐसी ट्रेनिंग होती है जिसमें खुद ही देखकर सीखना होता है। जो ज्यादा अधिक रुचि से ड्यूटी करेगा उतना ही अधिक ज्यादा सीख पाएगा। गुरुग्राम पुलिस द्वारा सभी प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टरों की तैनाती अच्छे अनुभवी अनुसंधान अधिकारियों के साथ की गई है, जिनसे वे अधिक अच्छे से अनुसंधान की पुलिस प्रक्रिया सीख सकेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस की यह नौकरी लोगों की सेवा करने का एक बहुत अच्छा माध्यम हैं. एक पीड़ित  व लाचार व्यक्ति ही नहीं अपितु समाज का प्रत्येक वर्ग आवश्यकता पड़ने पर पुलिस से ही सहायता की उम्मीद रखता है। अतः आप पीड़ित, लाचार व्यक्ति सहित समाज की सहायता के कार्य में खरे उतरें व पुलिस आदर्श की उच्च मिसाल कायम करें।

ट्रैनिंग में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को गुरुग्राम पुलिस द्वारा प्रसंशा पत्र व उचित ईनाम भी दिया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, गुरुग्राम, नितिका गहलौत, सहायक पुलिस आयुक्त मुख्यालय, गुरुग्राम, सहायक पुलिस आयुक्त स्टाफ आफिसर, गुरुग्राम सहित ट्रेनिंग के लिए आए सभी प्रोवेशनर-सब-इन्सपेक्टर मौजूद थे ।

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