हाई रिस्क काॅन्टेक्ट में आने वाले 92 लोगों के सैंपल आईजीजी एंटीबाॅडिज टैस्ट के लिए गए

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गुरूग्राम, 14 जुलाई। गुरूग्राम जिला में आज कोविड-19 के एंटीबाॅडिज को लेकर सीरो सर्विलांस सर्वे किया गया। इस सर्वे के तहत जिला में हाई रिस्क काॅन्टेक्ट में आने वाले 92 लोगों के सैंपल आईजीजी एंटीबाॅडिज टैस्ट के लिए एकत्रित किए गए। इस सर्वे के माध्यम से पता लगाया जाएगा कि लोगों में कोरोना संक्रमण के एंटीबाॅडिज विकसित हुए है या नही।

इस बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डा. विरेन्द्र यादव ने बताया कि जिला में यह सर्वे का पांचवा राउंड है इससे पहले यह सर्वे 23 व 25 जून, 7 व 8 जुलाई को किया जा चुका है। इस दौरान 92-92 लोगों की सैंपलिंग की गई केवल 7 जुलाई को 85 लोगों के सैंपल लिए गए। आज आयोजित सर्वे के दौरान 92 लोगों की सैंपलिंग करते हुए उनके एंटीबाॅडिज की जांच की गई। उन्होंने बताया कि सीरो सर्विलांस सर्वे के दौरान व्यक्ति की ब्लड सैंपलिंग करते हुए जांच की जाती है। आज इस सर्वे के लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर टीमें लगाई गई जो रेंडमली हाईरिस्क वाले स्थानों पर गई और लोगों के ब्लड सैंपल लिए।

सर्वे के लिए जिला में आज निर्माणाधीन साइटों पर कार्यरत मजदूरों, गर्भवती महिलाओं, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तथा गंभीर बिमारी से पीड़ित लोगों को चुना गया जिनके सैंपल एकत्रित करने उपरांत उन्हें जांच के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जिला में कितने लोगों में कोरोना को लेकर एंटीबाॅडिज विकसित हो चुकी है । उन्होंने बताया कि जिला में आगे भी सीरो सर्विलांस जारी रहेगा, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीरो सर्विलांस की और किटों की डिमांड की गई है। उन्होंने बताया कि सीरो सर्विलांस के लिए जिला को अब तक इन किटों के पांच सैट प्राप्त हुए हैं जिनमे से एक सैट में 92 किट हैं। इस प्रकार, जिला को 460 किट प्राप्त हुई हैं जिनसे आईजीजी एंटीबाॅडिज की जांच की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि सीरो सर्विलांस सर्वे के लिए 20 अलग-अलग श्रेणियों के तहत हाईरिस्क काॅन्टेक्ट में आने वाले दुकानदारों, टीबी , एचआईवी सहित किसी अन्य गंभीर बिमारी से पीड़ित व्यक्ति, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नगर निगम के अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी आदि सहित अन्य लोगों को चुना जाता है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को कोरोना का संक्रमण हो जाता है, उसके शरीर में उस बीमारी के खिलाफ एंटीबाॅडिज विकसित हो जाती हैं। इसके बनने के बाद व्यक्ति की उस रोग से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है।

उन्होंने बताया कि इस सर्वे के माध्यम से यह भी आसानी से पता लगाया जा सकता है कि पहले व्यक्ति को कोरोना हुआ है अथवा नही। यदि व्यक्ति पहले कोरोना संक्रमित हो चुका है और स्वयं ही ठीक भी हो गया है तो इसकी जानकारी इस टैस्ट से पता चल जाएगी। यह भी पता लग जाएगा कि उसके शरीर में कोरोना संक्रमण के एंटीबाॅडिज बन चुकी हैं या नही। उन्होंने कहा कि इस सर्वे के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े कोरोना योद्धाओं को सैंपलिंग के लिए चुना गया है ताकि भविष्य में इसी अनुरूप आगे की रूपरेखा तैयार की जा सके।

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