राजनाथ सिंह ने अमेरिका और जापान के रक्षा मंत्री से क्या गुफ्तगू की ?

Font Size

नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर के साथ रविवार को बैंकॉक में मुलाकात की और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालात समेत रणनीतिक महत्व के कई मामलों एवं द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर बातचीत की।

अधिकारियों ने यहां बताया कि यह बैठक ‘आसियान डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग-प्लस’ (एडीएमएम-प्लस) से पहले हुई। एडीएमएम-प्लस में आसियान और भारत समेत इसके आठ अन्य वार्ता साझीदार शामिल हैं।

रक्षा मंत्री ने जापान के अपने समकक्ष तारो कानो के साथ भी एक अलग बैठक की और दोनों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर बातचीत की।

सिंह ने एस्पर के साथ बैठक में ऐसे मुक्त, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर नयी दिल्ली की अवधारणा की पुन: पुष्टि की जो कानून आधारित व्यवस्था और सम्प्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के प्रति सम्मान पर आधारित हो।

चीन हिंद प्रशांत क्षेत्र में सैन्य एवं आर्थिक प्रभाव तेजी से बढ़ा रहा है जिसके कारण क्षेत्र और इसके बाहर विभिन्न देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

सिंह ने कहा कि हिंद-प्रशांत को लेकर भारत और अमेरिका के बीच निकटता बढ़ रही है। आसियान क्षेत्र के लिए नयी दिल्ली के दृष्टिकोण का केंद्र है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अमेरिका के रक्षा मंत्री डॉ. मार्क टी एस्पर के साथ आज बैंकॉक में मुलाकात शानदार रही। हमने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत की।’’

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि सिंह ने अपने अमेरिकी समकक्ष से कहा कि वह वाशिंगटन में अगले महीने दोनों देशों के बीच विदेश एवं रक्षा मंत्री स्तरीय ‘टू प्लस टू’ वार्ता के तहत विचार विमर्श के दौरान ठोस बातचीत करना चाहते हैं।

भारत और अमेरिका के बीच पहली ‘टू प्लस टू’ वार्ता पिछले साल सितंबर में यहां हुई थी।

सिंह ने भारत एवं अमेरिका के बीच मजबूत होते संबंधों पर खुशी व्यक्त की और कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, आतंकवाद की रोकथाम और लोगों के बीच आपसी संबंध समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।

सिंह और एस्पर ने क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग से जुड़े कई अहम मामलों पर भी बात की।

एडीएमएम-प्लस में क्षेत्र में, खासकर समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page
%d bloggers like this: