रेलवे में सभी शिकायतों के लिए एकल हेल्पलाइन नंबर स्थापित होगा,100 स्टेशनों पर 3-डी डिजिटल संग्रहालय

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सुभाष चौधरी

नई दिल्ली । रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने रेल भवन में पूरे रेलवे बोर्ड, जोनल रेलवे के सभी महाप्रबंधकों और सभी 68 संभागीय रेलवे के प्रबंधकों (डीआरएम) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। सभी डीआरएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की गई।

मौजूदा वर्ष के दौरान कामकाज की समीक्षा करते हुए मंत्री महोदय ने आगामी जनवरी-मार्च, 2019 तिमाही के लिए रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने रेलवे परियोजनाओं और गतिविधियों की कड़ी निगरानी और उन्हें समय पर पूरा किये जाने पर बल दिया।

चर्चा में सुरक्षा, यात्री सुविधा, सेवा, राजस्व, अवसंरचना विकास, स्टाफ कल्याण और कामकाज के हर स्तर पर पारदर्शिता संबंधी विषय शामिल थे।

  • आगामी जनवरी-मार्च, 2019 तिमाही के लिए रोडमैप।
  • रेलवे पदाधिकारियों द्वारा चालू परियोजनाओं की निगरानी के लिए एकीकृत डैशबोर्ड – इस डैशबोर्ड को अधिक पारदर्शिता के मद्देनज़र जनता के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।
  • 2000 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की उपलब्धता।
  • सभी शिकायतों के लिए एकल हेल्पलाइन नंबर।
  • आरक्षण चार्ट की पब्लिक डोमेन में उपलब्धता।
  • इस तिमाही में लगभग 600-700 किलोमीटर पूर्वी और पश्चिमी डीएफसी को चालू करना।
  • सभी खान-पान स्टाफ और टीटीई को यथाशीघ्र स्वाइप और बिल जनरेटिंग मशीन के साथ पीओएस मशीनें वितरित करना।
  • फरवरी, 2019 तक 68 स्टेशनों का पुनर्विकास कर लिया जाए।
  • 15 फरवरी, 2019 के पहले 100 स्टेशनों पर 3-डी डिजिटल संग्रहालयों को पूरा कर लिया जाएगा।
  • कुलियों के लिए कल्याणकारी उपाय।

वर्तमान वर्ष में अब तक के कामकाज समीक्षा करते हुए मंत्री महोदय ने आगामी जनवरी-मार्च, 2019 के रोडमैप के लिए निर्देश दिए, जो इस प्रकार हैं

समयबद्ध कार्य

रेलमंत्री ने उच्च रेल अधिकारियों का आह्वान किया कि वे समयबद्ध तरीके से विभिन्न परियोजनाओं और गतिविधियों को पूरा करने के लिए कमर कस लें और निर्धारित तारीख का पालन करें। मंत्री महोदय ने कहा कि सुरक्षा, यात्री सुविधा, सेवा, राजस्व, अवसंरचना विकास, स्टाफ कल्याण और कामकाज के हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

ऑनलाइन निगरानी

परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की जरूरत पर जोर देते हुए श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रगति की सख्त निगरानी भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि 15 जनवरी, 2019 तक एक एकीकृत डैशबोर्ड पोर्टल शुरू कर दिया जाए। यह पूरे रेल नेटवर्क के लिए आवश्यक है। प्रयास किए जाएं कि आम जनता को भी इस डैशबोर्ड तक पहुंच मिले। काम शुरू होने के पहले और पूरा होने के बाद की तस्वीरों को नियमित रूप से डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाए।

समर्पित माल कॉरीडोर की शुरूआत

समर्पित माल कॉरीडोर के निर्माण की ठोस प्रगति का जायजा लेते हुए श्री गोयल ने कहा कि इस तिमाही में 777 किलोमीटर पूर्वी और पश्चिमी डीएफसी को चालू करने को सुनिश्चित किया जाए।

खान-पान व्यवस्था में सुधार

मंत्री महोदय ने सुझाव दिया कि सभी खान-पान स्टाफ और टीटीई को 31 मार्च, 2019 तक स्वाइप और बिल जनरेटिंग मशीन के साथ पीओएस मशीनें वितरित की जाएं। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों की वह शिकायत दूर हो जाएगी जो खान-पान व्यवस्थापक द्वारा सामग्री की अधिक कीमत वसूलने से संबंधित है। खान-पान व्यवस्था वाली सभी गाड़ियों में सामग्री की कीमतों की सूची लगाई जाए, जिसमें जीएसटी भी शामिल हो। यह सूची टिन-प्लेट पर छापी जाए और उसे मार्च, 2019 तक उपलब्ध करा लिया जाए। टिन-प्लेट पर यह पंक्ति भी लिखी जाए – कृपया टिप ना दें, यदि बिल नहीं दिया गया है, तो आपका भोजन निःशुल्क होगा।

पारदर्शी आरक्षण प्रणाली

टिकट बुकिंग को और अधिक पारदर्शी बनाने के दृष्टिकोण से मंत्रिमंडल ने निर्देश दिये हैं कि आरक्षण चार्ट को जनता के सामने जल्‍द से जल्‍द उपलब्‍ध कराया जाना चाहिए। उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर सीट उपलब्‍ध है तो रेलों के निर्धारित प्रस्‍थानों या ट्रेन में चढ़ने के बाद भी टिकटों की बुकिंग की संभावना का पता लगाया जाना चाहि‍ए।

वाईफाई

यह उल्‍लेख करते हुए 723 रेलवे स्‍टेशनों को उपलब्‍ध कराई गई वाईफाई सेवा से जनता को बहुत लाभ पहुंच रहा है। उन्‍होंने निर्देश दिया कि निकट भविष्‍य में पूरे देश के कम से कम 2,000 रेलवे स्‍टेशनों को वाईफाई सेवा उपलब्‍ध कराई जानी चाहिए। सभी स्‍टेशनों पर यह सुविधा उपलब्‍ध कराई जायेगी। सभी डिविजनल रेलवे मैनेजरों को स्‍टेशनों पर वाईफाई कार्य के जल्‍दी समापन पर पुरस्‍कृत किया जायेगा।

सिंगल हेल्‍थ लाईन नंबर

रेलवे हेल्‍प लाईन नंबरों का उल्‍लेख करते हुए श्री पीयुष गोयल ने कहा कि जनवरी के अंत तक यात्रियों की सुविधा के लिए गैर-सुरक्षा शिकायतों के लिए एक सिंगल हेल्‍प लाइन नंबर विकसित किया जाना चाहिए।

राजस्‍व जुटाना

राजस्‍व जुटाने के बारे में उन्‍होंने कहा कि वृद्धि के आधार पर माल लोडि़ंग करने के प्रयास किये जाने चाहिए। गैर किराया राजस्‍व जुटाने के प्रयास भी किये जाने चाहिए। स्‍क्रैप के निपटान से राजस्‍व जुटाने के लक्ष्‍यों को बढ़ाया जाना चाहिए और सभी संभागों को इस वित्‍त वर्ष के अंत तक, ‘जीरो स्‍क्रैप बेलेंस अर्जित करने के लिए प्रयास करने चाहिए।

स्‍टेशन विकास

स्‍टेशन विकास का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि 68 स्‍टेशनों पर पुनर्विकास फरवरी- 2019 तक किया जाना चाहिए, जिसमें वर्तमान फोटोंग्राफरों के साथ एकीकृत-बोर्ड सहित उनकी प्रगति की निगरानी करने का भी प्रावधान होना चाहिए।

ट्रेन उन्‍नयन

ट्रेन उन्‍नयन पर जोर देते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि रेट्रो-फिटमेन और स्‍वार्न और उत्‍कृष्‍ट रेक्‍स का कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाना चाहिए। हाल में विकसित विस्‍टाडोर्न डिब्‍बों का उल्‍लेख करते हुए कि पर्यटकों के उद्देश्‍य के लिए ग्‍लास और सीसे की बॉडी वाले डिब्‍बे अधिक मार्गों पर चलाये जाने चाहिए। उन्‍होंने इन जरूरतों का तुरन्‍त आंकलन करने के लिए सभी रेलवे डिविजनों को निर्देश दिये हैं।

स्‍वच्‍छता

शौचालयों के बारे में उन्‍होंने कहा कि सभी पूरे हुए शौचालयों के फोटोग्राफ 4 जनवरी, 2019 से अपलोड किये जायें। सभी शौचालयों साफ-सुथरे हो और उनमें पानी की उचित आपूर्ति हो तथा कहीं से टूट-फूट न हो। सभी नये डिब्‍बों में बायो-वेक्‍यू शौचालय उपलब्‍ध कराने के प्रयास किये जाने चाहिए।

तेज गति की रेले

उन्‍होंने कहा कि एक आगे और एक पीछे, दो इंजनों वाली राजधानी ट्रेनों के परीक्षण का काम समय पर पूरा होना चाहिए ताकि राजधानी ट्रेनों से यात्रा करने में लगने वाले समय में कटौती हो।

स्‍टेशन सुधार

लागत प्रभावित तरीके से एलईडी लाईटिंग, किचन और विश्रमगृह में सीसीटीवी लगाने जैसी गति‍विधियों से रेलवे स्‍टेशनों और उसके आस-पास सुंदरता और बुनियादी ढांचे में सुधार लाने, वन श्रेणी के स्‍टेशनों पर लंबे राष्‍ट्रीय ध्‍वज लगाना, हाल के वर्षों में रेलवे की उपलब्धियों के बारे में होर्डिंग लगाने का काम समय पर पूरा होना चाहिए। 100 स्‍टेशनों पर थ्री-डी डिजिटल संग्रहालयों का काम 15 फरवरी, 2019 से पहले समाप्‍त होना चाहिए। सभी डीआरएम और जीएम के विचार गुड-वर्क्‍स पोर्टल पर होने चाहिए।

कर्मचारी कल्‍याण

कर्मचारी कल्‍याण के बारे में उन्‍होंने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्‍ध कराई जानी चाहिए। आरपीएफ बैरकों का उन्‍नयन समयबद्ध रूप से किया जाना चाहिए। कुलियों के कल्‍याण की योजना बनाने का भी उन्‍होंने निर्देश दिया। ऑटो-मेटिक कोच धुलाई-संयत्र और त्‍वरित जल सुविधाओं के कारण जल्‍द से जल्‍द पूरे किये जाने चाहिए। दिनभर चले सम्‍मेलन में जीएम और डीआरएम ने सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और आगामी तिमाही जनवरी-मार्च 2019 के लिए व्‍यापक योजना तैयार की। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री वी.के. यादव ने सम्‍मेलन के एजेंडे पर जोर दिया।

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