संस्कृत भाषा भारत के गौरवमयी इतिहास की कुंजी : सत्य पाल जैन

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चण्डीगढ़ 16 नवम्बर : चण्डीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारत सरकार के अपर महासालिसिटर सत्य पाल जैन ने कहा है कि संस्कृत भाषा भारत के गौरवमयी इतिहास की कुंजी है तथा देश की विशाल विरासत को समझने के लिये इस भाषा का ज्ञान होना ज़रूरी है। इसलिये छात्रों को इसका और अधिक अध्ययन करना चाहिये जिससे वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को और अधिक अच्छे तरीके से सीख सकें।
श्री जैन आज प्रातः सरकारी मॉडल स्कूल, सैक्टर 40 ए में, स्कूल द्वारा ‘‘संस्कृत दिवस’के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों एवं अध्यापकों को सम्बोधित कर रहे थे।

श्री जैन ने कहा कि शिक्षा एवं योग्यता पर सभी का बराबर का हक है तथा आर्थिक रूप से गरीब घर में पैदा होने वाला बच्चा भी अपने परिश्रम एवं मेहनत से देश और दुनिया में उच्च से उच्च स्थान प्राप्त कर सकता है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य कुछ महानुभावों का जिक्र करते हुये श्री जैन ने कहा कि इन सभी ने एक साधारण परिवार में पैदा होकर अपनी मेहनत एवं लगन से देश के उच्चतम पदों को सुशोभित किया।

श्री जैन ने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपना देश अपनी भाषा एवं अपनी विरासत पर गर्व करे तथा अन्धाधुन्ध विदेशों की नकल करने से बचे।
इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जगपाल सिंह, समाजसेवक श्री राकेश उप्पल एवं स्कूल के अध्यापक एवं भारी संख्या में छात्र भी उपस्थित थे।

श्री जैन ने छात्रों को पुरस्कार वितरण किया तथा स्कूल की ओर से श्री जैन को सम्मान चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

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