गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी अब नहीं रहेंगे उच्च शिक्षा से वंचित

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-जीयू के जरूरतमंद, मेधावी व गरीब परिवारों के विद्यार्थियों को मिली राहत

-आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगी छात्रवृति

-प्रतिभावान एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को आर्थिक मदत प्रदान करना अनुकरणीय कार्य : प्रो. दिनेश कुमार, कुलपति

-कुलपति ने मिशन के प्रयासों की प्रशंसा की

गुरुग्राम :  विद्यार्थी जो आर्थिक कमजोरी के चलते अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं, ऐसे गरीब मेधावी विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए गुरुग्राम विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है । गुरुग्राम विश्वविद्यालय ने जरूरतमंद, मेधावी व साधन विहीन विद्यार्थियों को विश्व प्रकाश मिशन की और से छात्रवृति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।

इस छात्रवृति योजना के अंतर्गत विवि. के 5 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिनमें 3  बी.फार्मा के विद्यार्थी अंजलि, मैनु,जयदेव, 2 एमबीए के विद्यार्थी नीतू यादव, कीर्ति गाँधी शामिल है । इन सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई का 50-70 % खर्च जीयू के प्रयासों से मिशन द्वारा वहन किया जाएगा ।  जीयू के डीन अकादमी अफेयर्स डॉ. सुभाष कुंडू ने बताया कि छात्रवृति के लिए मिशन की और से 5 विद्यार्थियों का चयन किया गया ।

सभी छात्रों का चयन अकादमिक रिकॉर्ड,व्यक्तिगत साक्षात्कार, आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया, आगे सुभाष कुंडू ने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र 2022-23 जल्द ही शुरू होने वाला है ।  गुरुग्राम विवि. के प्रयासों से विश्व प्रकाश मिशन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर विश्वविद्यालय के और अधिक छात्रों को आर्थिक रूप से सहायता दी जाएगी ।

बता दे कि विश्व प्रकाश मिशन (वीपीएम) एक युवा,चैरिटेबल ट्रस्ट है जिसे 25 जुलाई, 2016 को पंजीकृत किया गया था। ट्रस्ट समाज के वंचित वर्ग के परिवारों के योग्य छात्रों के उत्थान के लिए प्रयास करता है। इस अवसर पर जीयू के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने मेघावी छात्रों को छात्रवृति के माध्यम से पढ़ाई में आर्थिक रूप से मदद करने के लिए मिशन के प्रयासों की प्रशंसा की एवं संस्था के अध्यक्ष राकेश सेठी का आभार जताया. आगे कुलपति ने कहा कि  विवि. अपने छात्रों के उज्जवल भविष्य हेतु प्रतिबद्ध है एवं प्रतिभावान एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को आर्थिक मदत प्रदान करना अनुकरणीय कार्य है ।

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