आइकैट मानेसर के डिजिटल सेमिनार में केंद्रीय बजट और ऑटोमोटिव सेक्टर की संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

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आत्मनिर्भरता को प्रमोट करने वाली वेब पोर्टल एस्पायर द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में शामिल हुए दर्जनों ऑटोमोटिव विशेषज्ञ

बजट आवंटन और स्क्रेपेज पालिसी को दूरगामी परिणाम देने वाला बताया

औद्योगिक विशेषज्ञों ने आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहित करने पर दिया बल

सुभाष चौधरी

गुरुग्राम। भारत सरकार की अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल सेंटर फॉर आटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईकैट) मानेसर  की आटोमोटिव सॉल्यूशन्स वेब पोर्टल एस्पायर की ओर से केंद्रीय बजट 2021-22 में आटोमोटिव सेक्टर पर किए गए फोकस को लेकर नेशनल वेबीनार का आयोजन किया गया। 26 फरवरी को आयोजित विशेष डिजिटल सम्मेलन में केंद्रीय बजट और केंद्र सरकार की नीतियों का ऑटोमोटिव सेक्टर पर पड़ने वाले प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई। इस डिजिटल सम्मेलन का उद्घाटन एस आई ए एम के वाइस प्रेसिडेंट विपिन सोंधी और ए सी एम ए (सैम) के अध्यक्ष दीपक जैन ने किया।

वेबीनार में उपस्थित आटोमोटिव सेक्टर के विशेषज्ञों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आईकैट की वरिष्ठ महाप्रबंधक पामेला टिक्कू ने अपने स्वागत भाषण में बजट 2021- 22 की विशेषता का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहद विषम परिस्थिति में भी केंद्र सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तुत बजट में ऑटोमोटिव सेक्टर पर अधिकतम फोकस किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्क्रेप पॉलिसी की घोषणा की है। इससे आने वाले समय में पर्यावरण फ्रेंडली और फ्यूल एफिशिएंट वाहनों की मांग तेज गति से बढ़ेगी क्योंकि तकनीकी तौर पर अनफिट और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटेंगे।

उन्होंने कहा कि हालांकि यह नीति दशकों बाद आई है लेकिन इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। इसका सीधा असर कमर्शियल और पैसेंजर वाहनों की मांग में होने वाली वृद्धि के रूप में पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बजट में दूसरी बड़ी घोषणा 20000 पैसेंजर बसों की खरीद के लिए 18000 करोड़ रुपए का आवंटन करना है। इसके लिए पीपीपी मॉडल पर काम किया जाएगा जाहिर है इसका प्रभाव भी आटोमोटिव इंडस्ट्री पर देखने को मिलेगा क्योंकि उनके लिए इसमें बहुत अधिक संभावनाएं बनेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस एस्पायर की ओर से आयोजित यह डिजिटल सम्मेलन इस क्षेत्र के उत्थान की दृष्टि से उपयोगी साबित होगा और भारत सरकार की दूरगामी परिणाम वाली नीतियों को समझने में मददगार होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दृष्टि से भी दूरदर्शी सोच अपनाया है। उनके अनुसार रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे डेवलपमेंट के लिए 118,101 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है, जाहिर है इसका भी सीधा असर ऑटोमेटिक सेक्टर पर पड़ेगा।

डिजिटल सेमिनार में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने आटोमोटिव सेक्टर पर बजट आवंटन एवं केंद्र सरकार की संबंधित नीतियों के पड़ने वाले वाले प्रभाव पर चर्चा की । सेमिनार में आने वाले समय में केंद्र सरकार की नीतियों के कारण वाहनों का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की सोच और उनके व्यवहार में होने वाले बदलाव पर भी फोकस किया गया जबकि पर्यावरण पर किस कदर इसका असर होगा इसका भी विस्तार से उल्लेख किया गया।

वेबीनार में शामिल हुए अधिकतर औद्योगिक प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहित करने की नीति का जोरदार समर्थन किया। विशेषज्ञों ने इस मद में सरकार के साथ पूरा सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। अधिकतर वक्ता आत्मनिर्भर भारत की दिशा में लिए गए निर्णयों के पक्ष में दिखे। उनका मानना था कि इससे एक तरफ औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होगी जबकि दूसरी तरफ रोजगार की संभावनाएं भी अपेक्षा के अनुरूप बढ़ेंगी। यह देश के आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहित करने वाला आईकैट के पोर्टल एस्पायर द्वारा आयोजित इस डिजिटल सम्मेलन में दो सत्र आयोजित किए गए थे। प्रथम सत्र में बजट का पड़ने वाला प्रभाव और देश में हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति ( फेम इंडिया) जैसे विषय प्रमुखता से चर्चा के केंद्र में रहे। सम्मेलन के दूसरे सत्र में एंड ऑफ लाइफ व्हेकिल्स (ई एल वी ) और स्क्रेपेज पॉलिसी के विभिन्न पहलुओं पर गहन पर चर्चा की गई।

आटोमोटिव इंडस्ट्री के क्षेत्र से आए विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिकल व्हेकिल पॉलिसी पर अपना मंतव्य खुलकर जाहिर किया और सेमिनार में शामिल हुए लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।

प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में टीवीएस से डॉक्टर जे एस धीनागर, निशान इंडिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण मल्होत्रा, टाटा मोटर से राजेश शुक्ला, जेवीएम से निशांत आर्य और एसीएमए के डायरेक्टर जनरल विनी मेहता ने विश्लेषणात्मक विचार व्यक्त किए।

एस्पायर द्वारा आयोजित डिजिटल सम्मेलन के दूसरे सत्र में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर लिमिटेड के विक्रम गुलाटी ने मुख्य वक्ता के रूप में ईएलवी और स्क्रेपेज पॉलिसी के मुख्य बिंदुओं की ओर ध्यान दिलाया। इस सत्र में जम्पस ऑटो इंडस्ट्री के संजय मल्होत्रा, mercedes-benz से श्रीकांत देशमुख, सी ई आर ओ से विजय अरोरा, ई एल वी के एक्सपोर्ट कैप्टन मोहन राम और एस आई ए एम (सैम) के डायरेक्टर जनरल, राजेश मेनन ने भी अपने अनुभव साझा किए।







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